रिपोर्ट
अमृत राज
बिहार, मुजफ्फरपुर। (मंगलवार) पारु प्रखण्ड के अन्तर्गत चांदकेवारी में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले की 192वीं जयंती मानवाधिकार एवं पर्यावरण कार्यकर्ता फूलदेव पटेल के नेतृत्व में मनाई गई। जिसमें ग्रामीण छात्रों ने राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले को पुष्पांजलि अर्पित किया। इस कार्यक्रम में बच्चों को सावित्री बाई फुले जी के जीवन में घटित घटनाओं के साथ भी उन्होंने शिक्षा के लिए समाज में किस तरह लडकियों को शिक्षित करने के लिए एक विद्यालय की शुरुआत की।
शुरुआत में केवल 9 लडकियां ही अन्य वर्ग से निकलकर पढने आती थी, जिस समय समाज में लडकियों को घर से निकलना उचित नहीं समझा जाता था। राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले का जन्म महाराष्ट्र के सातारा जिले के माली समुदाय में हुआ था। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरफरी के शिक्षक संजय भगत ने बताया कि सावित्री बाई फुले जी की जितनी भीचर्चा की जाय कम ही माना जायेगा। उनकी एक ही पंक्ति जिंदगी को सवारने में गुज़र जाता है। "स्वाभिमान से जिने के लिए पढाई करो" पाठशाला ही इंसानियत का सच्चा गहना है।
वहीं पूर्व जिला पार्षद देवेंशचंद्र ने बताया कि जिस समय शिक्षा पर केवल कुछ लोगों का ही कब्जा था, उस समय सावित्री बाई फुले जी ने शिक्षा का अलख जगाने के लिए समाज की सभी यातनाएं झेलते हुए आगे बढने में कोई कसर नही छोड़ी। शिक्षक महेश्वर वर्मा ने बताया कि सावित्री बाई फुले ही सही शिक्षिका थी, जो न चलने वाली बच्चियों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर पढाने का काम किया था। मुखिया इश्वी राय लालू छपडा पंचायत, गुड्डू पटेल मुहब्बत पुर, डी एन पटेल मुखिया गोविन्द पुर पंचायत, शिक्षक बालेन्दर ठाकुर पायोनियर स्कूल देवरिया, पूर्व जिला पार्षद मदन प्रसाद मुहब्बतपुर ने बधाइयां दी। इस अवसर पर पुष्प अर्पित करने वाले विद्यार्थी अमृत राज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरफरी, अंकित राज, आदित्य राज, अमित राज, उपेन्द्र पटेल, अभिषेक कुमार, दिव्याशु कुमार, शैलेन्द्र कुमार, शिवम कुमार ने राष्ट्र माता सावित्री बाई फुले जी को पुष्प अर्पित किया।


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